Hindi News / छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेशभर में जल संरक्षण बना जनआंदोलन

मुख्यमंत्री-विष्णु-देव-साय-के-नेतृत्व-में-प्रदेशभर-में-जल-संरक्षण-बना-जनआंदोलन
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेशभर में जल संरक्षण बना जनआंदोलन
Article Top Ad

रायपुर

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व एवं उपमुख्यमंत्री तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  विजय शर्मा के मार्गदर्शन में विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-G RAM-G) के अंतर्गत पूरे प्रदेश में रोजगार सृजन, जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन तथा हरित विकास के कार्यों को व्यापक गति मिली है। ‘मोर गांव-मोर पानी’ अभियान के माध्यम से राज्य सरकार जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप दे रही है। अभियान के तहत प्रदेशभर में लाखों मानव-दिवस का रोजगार सृजित होने के साथ-साथ जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण कर भू-जल संवर्धन की दिशा में प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं।

इसी क्रम में जिला मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) के जनपद पंचायत खड़गवां अंतर्गत ग्राम पंचायत बरदर में जन सम्मेलन, ‘एक पेड़ मां के नाम’ वृहद वृक्षारोपण एवं ‘मोर गांव-मोर पानी’ जनभागीदारी कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा मंत्री तथा मनेन्द्रगढ़ विधायक  श्याम बिहारी जायसवाल ने वृक्षारोपण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने स्वयं कंटूर ट्रेंच की खुदाई कर जल संरक्षण का संदेश दिया और कहा कि जल संरक्षण केवल आज की आवश्यकता नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने ग्रामीणों से अधिकाधिक जनभागीदारी के साथ जल संरक्षण एवं वृक्षारोपण अभियान को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।

ग्राम पंचायत बरदर में 52 एकड़ क्षेत्र में समेकित जल संरक्षण एवं हरित विकास मॉडल विकसित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत 30 एकड़ क्षेत्र में कंटूर ट्रेंच एवं अन्य जल संरक्षण कार्यों के माध्यम से वर्षाजल के संग्रहण और भू-जल संवर्धन की व्यवस्था विकसित की गई है, जबकि 22 एकड़ क्षेत्र में लगभग 2,000 फलदार एवं अन्य पौधों का रोपण प्रारंभ किया गया है। जल संरक्षण और हरित विकास का यह मॉडल ग्रामीण क्षेत्रों में प्राकृतिक संसाधनों के सतत प्रबंधन का उत्कृष्ट उदाहरण बनेगा।

‘मोर गांव-मोर पानी’ अभियान के अंतर्गत किए गए कार्यों से इस क्षेत्र में लगभग 200 लाख लीटर भू-जल रिचार्ज क्षमता विकसित हुई है। इससे भविष्य में सिंचाई, पेयजल उपलब्धता, कृषि उत्पादकता तथा पर्यावरण संरक्षण को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।

उल्लेखनीय है कि राज्य शासन द्वारा VB-G RAM-G के माध्यम से प्रदेश के सभी जिलों में जल संरक्षण, वृक्षारोपण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, ग्रामीण अधोसंरचना निर्माण तथा आजीविका संवर्धन के कार्यों को प्राथमिकता के साथ संचालित किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य जनभागीदारी के माध्यम से प्रत्येक ग्राम पंचायत को जल-सुरक्षित, हरित एवं आत्मनिर्भर बनाना है।

Article Inline Ad
Article Bottom Ad