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वन विभाग की बड़ी उपलब्धि : बारनवापारा का रामपुर ग्रासलैंड फिर हुआ काले हिरणों से आबाद

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वन विभाग की बड़ी उपलब्धि : बारनवापारा का रामपुर ग्रासलैंड फिर हुआ काले हिरणों से आबाद
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रायपुर

बारनवापारा का रामपुर ग्रासलैंड फिर हुआ काले हिरणों से आबाद

छत्तीसगढ़ वन विभाग ने वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य के रामपुर ग्रासलैंड में काले हिरण (ब्लैकबक) की संख्या बढ़ाने के लिए शुरू किया गया प्रयास सफल रहा है। अब यह क्षेत्र फिर से इन सुंदर और दुर्लभ वन्यजीवों की चहल-पहल से जीवंत हो गया है।

बारनवापारा का रामपुर ग्रासलैंड फिर हुआ काले हिरणों से आबाद
          
वन मंत्री  केदार कश्यप की मंशा और प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी)  अरुण कुमार पाण्डेय के मार्गदर्शन में काले हिरणों के पुनर्स्थापन का लक्ष्य तय किया गया था। इसी के तहत फरवरी माह के पहले सप्ताह में 30 काले हिरणों को रामपुर ग्रासलैंड में छोड़ने का प्रस्ताव तैयार किया गया, जिसे स्वीकृति मिलते ही योजना पर तेजी से काम शुरू किया गया।
       
वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत “वैज्ञानिक प्रबंधन” के उद्देश्य से अनुमति प्राप्त होने के बाद, वन विभाग की टीम ने विशेषज्ञों की निगरानी में हिरणों को सुरक्षित रूप से उनके नए आवास में छोड़ा। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि हिरणों को किसी भी प्रकार का तनाव न हो। मुक्त किए गए काले हिरण अब वहां पहले से मौजूद हिरणों के समूह के साथ सहज रूप से घुल-मिल गए हैं। एक समय प्रदेश से लगभग विलुप्त हो चुके ये हिरण अब फिर से अपने प्राकृतिक वातावरण में स्वतंत्र रूप से विचरण कर रहे हैं, जो राज्य के लिए गर्व और खुशी की बात है।
इस अभियान को मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) रायपुर मती सतोविशा समाजदार और वनमंडलाधिकारी बलौदाबाजार  धम्मशील गणवीर के नेतृत्व में सफलतापूर्वक पूरा किया गया। इसमें बारनवापारा अभयारण्य के अधिकारियों, फील्ड स्टाफ, जीव वैज्ञानिकों और पशु चिकित्सकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
         
वर्तमान में वन विभाग की टीम इन हिरणों की नियमित निगरानी कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस पहल से क्षेत्र के पारिस्थितिकी तंत्र में सकारात्मक सुधार होगा और जैव विविधता को और मजबूती मिलेगी। यह सफलता की कहानी दर्शाती है कि योजनाबद्ध प्रयास, विशेषज्ञों की देखरेख और समर्पित टीमवर्क से विलुप्तप्राय वन्यजीवों को फिर से जीवन दिया जा सकता है।

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